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पापा मुझे छोड़ने आया न करो.....

पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो ,
आँसू छिपाते हो फेर कर नज़रे,
इतना फीका मुस्कुराया न करो
             पापा मुझे छोड़ने आया न करो

हिदायत से  घर भर की लाइट्स बुझाते ,
सोच कर भी न कितने सामान खरीदते ,
गाड़ी का माइलेज चेक करते रहते ,
मेरे हाथ में ए टी एम थमाया न करो
       पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो ।

पानी की बॉटल रखी या नही,
टिकट कही भूली तो नही ,
पर्स में खुले पैसे रखे या नही
इतना नम प्यार जताया न करो
               पापा मुझे छोड़ने आया न करो ।

सीट के नीचे बैग जमाते ,
ध्यान रखना अकेली जा रही,
साथ की किसी महिला को बताते,
पल पल इतनी चिंता जताया न करो
             पापा  मुझे छोड़ने आया न करो ।

पहुँचते ही कर देना फोन ,
अब कब होगा आना फिर तुम्हारा ,
रग रग कर देते हो तन्हा ,
उदासी से सर पर हाथ फिराया न करो
                   आप स्टेशन आया न करो ।

मैं खामोश रीती हो जाती ,
जी भर ऐसे गले लगाया न करो ,
दूर तक देखती रह जाती हूँ बिखर कर,
ग़मगीन खड़े यू हाथ हिलाया न करो
                 आप स्टेशन आया न करो ।

चप्पा चप्पा कर देते हो वीरान ,
रुन्धा गला बातो में छिपाया न करो,
मेरा आगा पीछा सोच सोच ,
अपना कलेजा दुखाया न करो,
        मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो ।

फ़ोन पे बात न सूझती आपको,
लो अपनी माँ से बात करो ,
बाद में पूछते उनसे ब्यौरा सारा  ,
हमारे नाम पाई पाई के कागज़ बनवाया न करो
                        आप स्टेशन आया न करो

(वाटसअप पर आई एक कविता - रचयिता का नाम नहीं पता) 

टिप्पणियाँ

  1. अपना हाल क्यों तुम सुनाते कभी नहीं
    हर समय हमारी फिकृ,अपनी जताते नहीं।।
    विदा करते समय ऑखें होती है नम
    चेहरे पे मुसकान
    लाया न करो
    पापा मुझे छोड़ने_________



    बेटा जान मुझे
    कुछ दर्द बताया भी करो बेंशक
    हूॅ लाड़ली आपकी पर
    कुछ भी करने की क्षमता है मुझमें ।
    इस बात से अन्जान रहा न करो
    पापा मुझे छोड़ने स्टेशन आया न करो___________(🌹geet🌹)

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